Tokyo Paralympics निषाद कुमार ने टोक्यो पैरालंपिक में जीता सिल्वर, भारत का दूसरा पदक
निषाद कुमार (Nishad Kumar) ने टोक्यो पैरालंपिक (Tokyo Paralympics) के पुरुषों के ऊंची कूद T-47 इवेंट में देश को रजत पदक दिलाया. निषाद ने इस इवेंट के फाइनल में 2.06 मीटर की कूद लगाई और इसी साल के एशियन गेम्स रिकॉर्ड की भी बराबरी की. भारत का यह इन खेलों में दूसरा पदक है.
भारत के निषाद कुमार (Nishad Kumar) ने टोक्यो में जारी पैरालंपिक खेलों (Tokyo Paralympics) में सिल्वर मेडल जीता है. उन्होंने पुरुषों के ऊंची कूद T-47 इवेंट में देश को रजत पदक दिलाया. निषाद ने इस इवेंट के फाइनल में 2.06 मीटर की कूद लगाई और इसी साल के एशियन गेम्स रिकॉर्ड की भी बराबरी की. यह भारत का इन खेलों में दूसरा पदक है.
इसी इवेंट के फाइनल में भारत के दूसरे पैरा-एथलीट रामपाल चाहर 5वें नंबर पर रहे. हालांकि उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और 1.94 मीटर की कूद लगाई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और पैरालंपिक समिति की प्रमुख दीपा मलिक ने निषाद को इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बधाई दी है.
पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा, ‘टोक्यो से एक और खुशी की खबर आई है. निषाद कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद टी-47 में रजत पदक जीता, जिससे बेहद खुश हूं. वह उत्कृष्ट कौशल और मेहनत के दम पर एक बेहतरीन एथलीट बने हैं, उन्हें बहुत बधाई.’
निषाद से पहले टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविनाबेन पटेल (Bhavina Ben Patel) ने सिल्वर मेडल जीतकर टोक्यो पैरालंपिक खेलों में भारत के पदकों का खाता खोला था. भाविना को महिला एकल क्लास 4 के फाइनल में चीन की झाउ यिंग के हाथों उन्हें 11-7, 11- 5, 11-6 से हार का सामना करना पड़ा.
लेह में चोटी से गिरने पर पैर में लगी थी चोट, BSF जवान विनोद कुमार ने 42 की उम्र में जीता टोक्यो पैरालंपिक में मेडल

BSF की ट्रेनिंग के दौरान विनोद कुमार को लेह में चोटी से गिरने के बाद पैर में चोट लग गई थी. उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक में चक्का फेंक में सिल्वर मेडल जीता.
सेना के जवान विनोद कुमार (Vinod Kumar) BSF से जुड़ने के बाद ट्रेनिंग करते हुए लेह में एक चोटी से गिर गए थे जिससे उनके पैर में चोट लग गई. इसके कारण वह करीब एक दशक तक बिस्तर पर रहे थे. उन्होंने टोक्यो पैरालंपिक (Tokyo Paralympics) में देश को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया.
विनोद की यहां तक पहुंचने की कहानी संघर्षों से भरी है. उनके पिता 1971 भारत-पाक युद्ध में लड़े थे. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में जुड़ने के बाद ट्रेनिंग करते हुए वह लेह में एक चोटी से गिर गए थे जिससे उनके पैर में चोट लग गई थी. इसके कारण वह करीब एक दशक तक बिस्तर पर रहे थे और इसी दौरान उनके माता-पिता दोनों का देहांत हो गया था.
इस उपलब्धि पर विनोद को बधाई देने वालों का तांता लग गया. सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय पैरालंपिक समिति की प्रमुख दीपा मलिक के अलावा अन्य कई दिग्गज हस्तियों ने विनोद को बधाई दी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डिस्कस थ्रोअर विनोद कुमार को पदक जीतने पर बधाई दी.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विनोद कुमार को पदक जीतने पर बधाई दी.
एफ52 स्पर्धा में वही एथलीट हिस्सा लेते हैं, जिनकी मांसपेशियों की क्षमता कमजोर होती है, हाथों में विकार होता है या पैर की लंबाई में अंतर होता है जिससे खिलाड़ी बैठकर प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेते हैं. रीढ़ की हड्डी में चोट वाले या ऐसे खिलाड़ी जिनका कोई अंग कटा हो, वे भी इसी वर्ग में हिस्सा लेते हैं.

भारतीय सेना के ट्विटर अकाउंट से भी डिस्कस थ्रोअर विनोद कुमार को पदक जीतने पर बधाई दी गई.
भारत ने रविवार को टोक्यो पैरालंपिक (Tokyo Paralympics) में पदकों की हैट्रिक लगा दी. भाविना पटेल ने टेबल टेनिस में सिल्वर, निषाद कुमार ने ऊंची कूद में रजत जीता. इसके बाद विनोद कुमार (Vinod Kumar) ने डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. भाविनाबेन ने महिलाओं की एकल टेबल टेनिस स्पर्धा क्लास 4 में और निषाद कुमार ने पुरूषों की टी47 ऊंची कूद स्पर्धा में रजत पदक जीते थे.
Tokyo Paralympics: निषाद की 'चांदी' पर झूमा देश, पीएम मोदी भी गदगद, गंभीर बोले- हमेशा के लिए दिल में उतर गए
Tokyo Paralympics: भारतीय हाई जंपर निषाद कुमार (Nishad Kumar) ने टोक्यो पैरालंपिक (Tokyo Paralympics) में हाई जंप के T-47 इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा. उन्होंने 2.06 मीटर की जंप लगाई.
भारतीय हाई जंपर निषाद कुमार (Nishad Kumar) ने टोक्यो पैरालंपिक (Tokyo Paralympics) के हाई जंप T-47 इवेंट में सिल्वर मेडल जीता. यह पैरालंपिक खेलों में भारत का दूसरा पदक है. निषाद की इस उपलब्धि पर पूरा देश खुश है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भी उन्हें ट्वीट कर बधाई दी
नई दिल्ली. भारतीय हाई जंपर निषाद कुमार (Nishad Kumar) ने टोक्यो पैरालंपिक (Tokyo Paralympics) में हाई जंप के T-47 इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा. उन्होंने 2.06 मीटर की जंप लगाई. यह पैरालंपिक खेलों में भारत का दूसरा पदक है. इस दौरान उन्होंने एशियन रिकॉर्ड की भी बराबरी की. अमेरिका के रॉडरिक टाउनसेंड (Roderick Townsend) ने गोल्ड और डलास वाइस (Dallas Wise) ने ब्रॉन्ज मेडल जीता.
टाउनसेंड ने फाइनल में 2.15 मीटर ऊंची छलांग लगाई, जबकि वाइस 2.02 मीटर जंप के साथ तीसरे स्थान पर रहे. निषाद की इस उपलब्धि पर पूरा देश खुश है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने उन्हें ट्वीट कर बधाई दी. प्रधानमंत्री ने लिखा, ‘टोक्यो से एक और खुशी की खबर आई है. निषाद कुमार ने पुरुषों की ऊंची कूद टी-47 में रजत पदक जीता, जिससे बेहद खुश हूं. वह उत्कृष्ट कौशल और मेहनत के दम पर एक बेहतरीन एथलीट बने हैं, उन्हें बहुत बधाई.

राष्ट्रपति कोविंद ने भी निषाद कुमार को बधाई दी
इसके अलावा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath kovind) ने भी भारतीय हाई जंपर की इस जीत पर खुशी जताई. उन्होंने लिखा कि निषाद कुमार को टोक्यो पैरालंपिक के हाई जंप इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने की बधाई. आपने ग्लोबल मंच पर अपनी श्रेष्ठता साबित की है और इसी के बूते देश का सम्मान बढ़ाया है. शानदार प्रदर्शन और सफलता के लिए आपको मेरी तरफ से हार्दिक बधाई.

पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने भी भारत के इस पैरा एथलीट को बधाई दी. उन्होंने लिखा कि आप हमेशा के लिए हमारे दिलों में उतर गए हैं! अद्भुत #निषाद कुमार.

निषाद टोक्यो पैरालंपिक से पहले कोरोना से संक्रमित हुए थे
निषाद ने 2019 में दुबई में वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में 2.05 मीटर ऊंची जंप लगाकर स्वर्ण पदक जीता था. टोक्यो पैरालंपिक से 6 महीने पहले निषाद बेंगलोर में ट्रेनिंग के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे. हालांकि, इससे उनका हौसला नहीं टूटा और इस वायरस को हराने के बाद वो दोगुने जोश के साथ खेलों की तैयारियों में जुट गए थे और आज उन्होंने देश के लिए सिल्वर मेडल जीत इस मेहनत को सार्थक साबित किया.
Comments
Post a Comment